Thursday, January 31, 2013

श्री बाबा पशुपति नाथ मधेश के जीला सप्तरी ग्राम विषहरिया


                                               ♥♥ ऊँ नम: शिवाय ♥ ऊँ नम: शिवाय ♥ऊँ नम: शिवाय ♥ऊँ नम: शिवाय ♥♥


 

                                                                                               



श्री बाबा पशुपति नाथ



कर्पूरगौरं करुणावतारं
संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे
भवं भवानीसहितं नमामि ॥.....



मधेश के महान गौरव कि बात है । मधेश के जीला सप्तरी ग्राम विषहरिया -8 अबस्थित श्री पशुपति नाथ जी के मन्दिर दिन प्रतिदिन जिर्ण होतेजारहा है । श्री पशुपति नाथ के मन्दिर स्वर्गीय श्री बिहारी लाल देव दुवारा नब निर्मित कियागाया था मन्दिर के पश्चिम गंगा शागर पोखर है । श्री पशुपति नाथ के मन्दिर के उतर मे श्री रामजानकी मन्दिर है । श्री राम जानकी मन्दिर से पुर्ब दिशा मे 200 मीटर कि दुरी मे विषहरिया ग्राम के ग्राम देवता कि मन्दिर भी है । ग्राम देव ता को श्री दिहबार बाबा के नाम से विषहरिया ग्राम बाषि पुजा पाठ करते है । विषहरिया मे ग्राम देवता कि स्थापना स्वर्गीय श्री बिहारी लाल देव दुवार हि किया गया है । और ये समस्त मन्दिर उन्ही कि निजि जमिन पे अबस्थित है । स्वर्गीय श्री बिहारी लाल देव सप्तरी जीला के हि जानी मणि हस्तिया थे । श्री बाबा पशुपति नाथ या श्री राम जानकी के नित्य बिधि पुर्बक पुजा पाठ भजन किर्तन संधिया आरती झाक्री भी होया करते थे । या समय समय मे यज्ञ हवन आज भी होते आराहे है । श्री बाबा पशुपति नाथ बिस्व काही दुश्रा है। श्री बाबा पशुपति नाथ के मुर्ति को डाकुवो ने चुरा के लेजाने के लिए 3 - 4 बार आगया लेकिन डाकुवो कि परयास सफल नही हुवा । एक बार तो डाकुवो ने श्री पशुपति नाथ के मुर्ति कि शिला फोड्ने लग पर शिला फुट नही पाया । तब जाके डाकुवो ने श्री बाबा पशुपति नाथ के मुर्ति कि हाथ के हिसे को तोड्के लेगाया,और मन्दिर के अन्य समान घटी सब चुराके लेगाया और मन्दिर के पुजारी श्री बाल ब्रहमचारी बाबा ज्ञानी दाश जी को निर्मन तरिके से मारपिट कि गई । गाउ बालो आनेपे सारे भाग गया । उसके बाद नेपाल सरकारके पुरातत्व बिभाग के अधिकारियो ने श्री बाबा पशुपति नाथ के मुर्ति को जाच पर्तल कर्ने के बाट ये बताया गया कि इस तरह के मुर्ति पुरा संसार मे सिर्फ 3 हि है ।श्री बाबा पशुपति नाथ के मुर्ति पहला काठमाडौँ । श्री बाबा पशुपति नाथ के मुर्ति दुशरा मधेश के जीला सप्तरी विषहरिया ग्राम-8 मे है । और श्री बाबा पशुपति नाथ के मुर्ति तिसरा भारत के बनारष मे है । मन्दिर के पुजारी श्री बाल ब्रहमचारी बाबा ज्ञानी दाश जी आज एकदम बृद्ध होगये है । स्वर्गीय श्री बिहारी लाल देव धार्मिक या समाजिक कार्य कर्म किया करते थे।सप्तरी जीला बाषि या  विषहरिया ग्राम के नागरि को का कहना है कि ये एक देव्य पुरुष महादेव काहि अंश है । ये सचे मन से जिस बस्तु को हात लग देते थे अनाज का भण्डार हो या अन्य कोइ चिज कभी घट ते नही थे कुछ भी चिज । स्वर्गीय श्री बिहारी लाल देव के एक पुत्र थे । स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव । स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव भी आप ने पिता कि तरह धार्मिक या समाजिक कम किया करते थे । इन होने हि अपने दरबाजे (दलान) पे बिद्यालय संचालन किए थे । और गुरु जानो को आपने हि दरबाजे (दलान) पे रख के  विषहरिया ग्राम मे शिक्षा के ज्योति फैलाए । और अन्त मे अपनी निज जमिन मे बिद्यालय खोल्के  श्री महाबिर माध्यमिक बिद्यालय विषहरिया सप्तरी मधेश मे स्थापना किए। और बिद्यालय के नाम 21 बिघाह जमिन जाय्दात कर्दिये है । इन्हो ने भी आपने जिबन कल मे सप्तरी जीला मे बहुत हि धर्मात्मिक काम किए है । मधेश सप्तरी जीला के गम्हरिया प्रबाह ग्राम को पछ बरिया विषहरिया  के नाम से हि जना जता है ।मे अपना खुद के जमिन मे मन्दिर पोखरी इनार बगिचे आदि बनाए और कामत बनाया । मधेश सप्तरी जीला के गम्हरिया प्रबाह कामत ( पछ बरिया विषहरिया)मे भी इन्हो ने बिभिन् यज्ञ हबन आदि कर्बये । इसी यज्ञ मे मेरा जनम भी हुवा था । स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव हमारे नना जी हुवे । स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव के 2 पुत्र या 6 पुत्रिया है । स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव के बडे पुत्र श्री बेद नारायण लाल देव आ कनिस्ट स्वर्गीय श्री शक्ति प्राषद देब है । मेरी माँ आपने भैयो बहन मे सब से कनिस्ट है । स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव के दरबाजे (दलान) पे हाथी , घोडो या गायो कि कोइ कमि नही थि । हाथी , घोडो या गायो कि तो 4-5 तबेला हि था ।एक स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव के दरबाजे (दलान) पे नेपाल के जानी मानी अञ्चल धिष या अन्य अने बिसिस्ट व्यक्ति भी आय जया करते थे । हमारे पिता जी के शादी मे नाना जी ( स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव ) ने हमारे दादा जी (स्वर्गीय श्री तेज नारायण लाल देव ) को हाथी दिए थे । तब से हमारे दादा जी का नाम हाथि-याह  कह के गौबलो या हमार देव स्वजाति मित्र -गण  बोलने लग गए है । और हमारे देव स्वजाति मे हि हाथी हमारे दादा जी या नाना जी के यहाँ था । ए तो गर्भ कि बाते आज हमे होराही है । हमारे पिता जी श्री भिम शंकर देव (प्रनाधयापक - हेडमास्टर ) नेपाल सरकार के सेवा मे थे ।  पिताजी नेपाल सरकार से अबकास प्राप्त हो गए है ।  मै 3 भाई हु । हमारे भाई दोनो मुझ से  छोटा हाई । और मै ये सोध कर्ता राजीव देव हु । मधेश  सप्तरी जीला के जानी मानी 3 हस्तिया थे । एक स्वर्गीय श्री महाबिर लाल देव । दुशरा स्वर्गीय श्री विन्देश्वरी शिंह । या तिसरा स्वर्गीय श्री विन्दे श्वरी यादव थे ये तिनो सप्तरी मधेश कि हस्तिया थे ।स्वर्गीय श्री विन्दे श्वरी यादव नेपाल के नि वर्तमान संसद या सभा सद श्रीमती रेणु यादव जी के सशुर है ।
मधेश के महान गौरब श्री पशुपति नाथ के मन्दिर दिन प्रतिदिन जिर्ण होते जाराहा है । नेपाल सरकार दुवारा संरकक्षण या जिर्ण पुन् निर्माण अति आबस्यक है ।  नेपाल सरकार के निजि गुठि,मठ ,मन्दिर ,गुरुदुवार मह्जिद येन अन्तर गत संरकक्षण कर्के एक पर्यटक स्थल बन के मधेश कि बिकाश होसकता है । सप्तरी मधेश के जीला सप्तरी मे अने क धार्मिक मन्दिर सब है । श्री पशुपति नाथ के मन्दिर , माँ छिन्मस्ता भगबती, माँ कन्कलनी मन्दिर ,माँ राजदेवी मन्दिर ,श्री हनुमान मन्दिर आ अन्य अनेक मन्दिर है । इसलिए मधेश के जीला सप्तरी को एक धार्मिक या पर्यटक  क्षेत्र  के रुप मे घोसित किया जाय .. 

जय बाबा श्री पशुपति नाथ कि  जय ...
श्री पशुपति नाथ समस्त मधेश या मधेशी कि  रक्षा करे ,,,,

श्री पशुपति नाथ जी को मेरा प्रणाम
राजीव देव
rajev10deo@gmail.com
00977-9851091556