Sunday, September 30, 2012

पशुपति नाथ के दर्शन के बाद बागमती नदी के तट पर प्राचीन कलयुग का मूर्ति



पशुपति नाथ के दर्शन के बाद बागमती नदी के तट पर प्राचीन कलयुग का मूर्ति है | कलयुग भगवन की जय हो…| ये फोटो में आपलोग कलयुग भगवन का मूर्ति का दर्शन कर के सतयुग के सुरवाती का कल्पना करे | हिन्दू धर्मं सास्त्रके के मान्यता है जो ये कलयुग दिन पर्तिदिन धरती में निचे धष रहा है… जिस दिन ये कलयुग का समाप्ति होगा उसदिन ये कलयुग का मूर्ति धरती पे धिकै नहीं देगा | धरती के अन्दर समाज ने का बाद कलयुग का समाप्ति होजये गा… और एक नया युग का सुरवाती होगा | सत्य युग की सुरवाती की समय अब बहुत ही नजदीक है…| समस्त मनाब जाती को धर्म कर्म करना चाहिए… जय बाबा पशुपति नाथ समस्त मनाब जाती की कल्याण कीजिये… प्रेम से बोलो ज्य शम्भो…

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International Dev Sewa Samiti ' अन्तरराष्ट्रिय देव सेवा समिति "
देव समुदाय पुर्बी मधेश तराई नेपाल के बिषिस्ट एतिहासिक संस्कृतिक पहिचान भेल एक जाति अछ .|
समस्त देव, चौधरी & पौदार स्वजाति लोक्नीसब से बिनम्र अन्नुरोध अछ | जे कृपिया समस्त देव जाति अस्तितव के सवाल अछ
राष्ट्रिय अन्तरराष्ट्रिय रुप मे देव जाति के पहिचान कारवा के राष्ट्रिय मुलधार मे जातीय पहिचान स्पस्ट कर्वाक उदेस्य से संस्था दर्ता एन अन्तर्गत दर्ता कर्वाक ले अतिआबसयक अछ.| समस्त देव जाति के साझा संस्था हि International Dev Sewa Samiti ' अन्तरराष्ट्रिय देव सेवा समिति " छि. | समस्त देव, चौधरी & पौदार स्वजाति लोक्नीसब से बिनम्र अन्नुरोध अछ | जे कृपिया समस्त देव जाति अस्तितव के सवाल अछ | हम आहा देव जातिके अस्तितव बचाबाईले चहाही छि कि नै.. यदी जातिके अस्तितव नै रहत ते हमार अहाके अस्तितव कतेसे रहत.. तही हेतु कृपिया समस्त स्वजाति लोग्नी अखण के जे सबाल अछ तैके ले हमर अहाके जातीय अस्तितव के सबाल अछ .हम अहाके एक जुट होइके परत |